
कोरबा,। जिले में पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, जनहितैषी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से रक्षित केंद्र कोरबा में “पुलिस व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम” आयोजित किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, कानून सम्मत कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने किया। प्रशिक्षण में नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी, दर्री नगर पुलिस अधीक्षक विमल कुमार पाठक, कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत, प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

नागरिकों के साथ व्यवहार पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि थाने में आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या या पीड़ा से ग्रसित होता है और पुलिस से न्याय की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में पुलिस का व्यवहार ही विभाग की छवि तय करता है।
“पुलिस सेवक है, मालिक नहीं” की भावना के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।

कानून और मानवाधिकार की जानकारी
कार्यक्रम में संविधान के अनुच्छेद 21, BNSS 2023, BNS 2023, SC/ST Act 1989, मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के DK Basu Guidelines की विस्तार से जानकारी दी गई। गिरफ्तार व्यक्तियों के अधिकारों और महिला एवं कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता पर भी चर्चा हुई।
FIR और शिकायत प्रक्रिया पर निर्देश
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि:
* हर शिकायत को गंभीरता से सुना जाए
* FIR दर्ज करने से मना न किया जाए
* शिकायत को GD में दर्ज किया जाए
* फरियादी को समय पर कार्रवाई की जानकारी दी जाए
वीडियो के जरिए व्यवहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम में अच्छे और बुरे पुलिस व्यवहार के उदाहरण वीडियो के माध्यम से दिखाए गए। साथ ही गलत व्यवहार के कानूनी परिणामों के बारे में भी जागरूक किया गया।
AI और स्मार्ट पुलिसिंग पर फोकस
प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट पुलिसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि AI तकनीक अपराध जांच, साइबर क्राइम, डेटा विश्लेषण और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
“हर फरियादी किसी का परिवार है”
कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने “कोरबा पुलिस व्यवहार संकल्प” लिया, जिसमें हर नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और कानून के दायरे में रहकर कार्य करने का संकल्प शामिल था।
कोरबा पुलिस द्वारा इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जनविश्वास बढ़ाने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
