मोबाइल की जिद में पेड़ पर चढ़ गई मासूम, ‘पुलिस अंकल’ की एक बात ने बदल दिया पूरा माहौल, कोरबा पुलिस ने सख्ती नहीं, संवेदनशीलता दिखाई… प्यार भरे संवाद से टली संभावित अनहोनी

News Editor
News Editor
4 Min Read
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.01_42bc2085
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.04_54eddaa3
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.03_12ad33f5

कोरबा। बच्चों की जिद कई बार परिवार के लिए परेशानी का कारण बन जाती है, लेकिन कभी-कभी यही जिद ऐसी स्थिति पैदा कर देती है जहां एक छोटी सी चूक बड़ा हादसा बन सकती है। कोरबा जिले के एक गांव में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां नया मोबाइल फोन नहीं मिलने से नाराज एक मासूम बच्ची सीधे पेड़ पर जा चढ़ी। परिवार समझाता रहा, ग्रामीण मनाते रहे, लेकिन बच्ची अपनी बात पर अड़ी रही।

हालात बिगड़ते देख आखिरकार पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद जो हुआ, उसने न सिर्फ एक संभावित दुर्घटना टाल दी बल्कि लोगों को पुलिस का एक ऐसा चेहरा भी दिखाया, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।

मोबाइल की मांग पूरी नहीं हुई तो पेड़ पर चढ़ गई बच्ची

घटना पसान थाना क्षेत्र अंतर्गत चैतमा चौकी के ग्राम घुंघुचुआ घुटीपारा की है। बताया जा रहा है कि एक नाबालिग बच्ची अपनी मां से नया मोबाइल फोन दिलाने की जिद कर रही थी। जब परिवार उसकी मांग पूरी नहीं कर पाया तो वह नाराज होकर घर के पास स्थित एक पेड़ पर चढ़ गई।

काफी देर तक परिजन उसे मनाते रहे, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। धीरे-धीरे परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। उन्हें डर था कि कहीं बच्ची का पैर फिसल न जाए या कोई अप्रिय घटना न हो जाए।

पेड़ पर बैठी बच्ची अपनी जिद पर अड़ी थी, नीचे खड़े परिजनों की सांसें अटकी हुई थीं।

मौके पर पहुंची पुलिस, नहीं दिखाई सख्ती

सूचना मिलते ही चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस चाहती तो बलपूर्वक बच्ची को नीचे उतारने की कोशिश कर सकती थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने पहले बच्ची का विश्वास जीतने की कोशिश की।

पुलिसकर्मी काफी देर तक बच्ची से दोस्त की तरह बात करते रहे। कभी उसे समझाया, कभी हंसाने की कोशिश की और कभी उसके सपनों के बारे में पूछा। धीरे-धीरे बच्ची का गुस्सा कम होने लगा।

जब ‘पुलिस अंकल’ ने दिया एक खास वादा

काफी कोशिशों के बाद पुलिसकर्मियों ने बच्ची से कहा कि यदि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगी और 12वीं कक्षा में अच्छे अंक हासिल करेगी तो “पुलिस अंकल” उसे मोबाइल फोन दिलाने में मदद करेंगे।

बस फिर क्या था। यह बात बच्ची के दिल को छू गई। कुछ देर बाद वह मुस्कुराते हुए पेड़ से नीचे उतर आई। बच्ची को सुरक्षित नीचे देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।

पुलिस ने जिद को नहीं बढ़ाया… उसे सपनों और पढ़ाई से जोड़ दिया।

ग्रामीणों ने कहा – ऐसा पुलिस का रूप कम देखने मिलता है

घटना के बाद गांव में पुलिस की इस संवेदनशील भूमिका की जमकर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने जिस धैर्य और समझदारी से स्थिति को संभाला, वह सराहनीय है।

लोगों का कहना था कि कई बार संवाद वह काम कर जाता है जो सख्ती नहीं कर पाती। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की भरोसेमंद साथी भी है।

एक मोबाइल की जिद…
एक पेड़…
और ‘पुलिस अंकल’ की कुछ बातें…
यही कहानी पूरे गांव के चेहरे पर मुस्कान छोड़ गई।

Share this Article
Home
Wtsp Group
Search
📲 Share