
कोरबा। शहर के दादर खुर्द बस्ती में आवारा कुत्तों के हमले में एक मासूम बच्चे की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। गंभीर रूप से घायल बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और प्रभावित परिवार के लिए ₹1 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई।
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया कि दादर खुर्द पुरानी बस्ती में दैनिक मजदूरी करने वाले किशोर पटेल का परिवार रहता है। बुधवार शाम करीब 5 बजे बच्चे घर में अकेले थे। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। आसपास कोई मौजूद नहीं होने के कारण घटना की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। शाम को काम से लौटी मां ने बच्चे को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा और तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आयुक्त ने बताया कि महापौर के निर्देश पर नगर निगम पीड़ित परिवार को ₹1 लाख की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करेगा।
हादसे के बाद नगर निगम की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में अभियान चलाकर 15 से 20 आवारा कुत्तों को पकड़ा है। इनमें से कुछ कुत्तों का पहले ही बंध्याकरण कराया जा चुका था, जबकि शेष को डॉग शेल्टर भेजकर नसबंदी की प्रक्रिया कराई जा रही है। आयुक्त ने बताया कि निगम का एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर लगातार कार्य कर रहा है और अब तक एक हजार से अधिक आवारा कुत्तों का बंध्याकरण किया जा चुका है।
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें, विशेषकर कुत्तों के प्रजनन काल में अतिरिक्त सावधानी बरतें। उन्होंने लोगों से आवारा कुत्तों को केवल निर्धारित स्थानों पर भोजन कराने, कुत्तों को देखकर घबराकर भागने के बजाय शांत रहने तथा किसी भी क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या अधिक होने पर तत्काल नगर निगम को सूचना देने की अपील की, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस दर्दनाक घटना के बाद शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से स्थायी समाधान और नियमित अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

