

कोरबा। जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान के तहत बाँकीमोंगरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बलगी सबस्टेशन, सूराकछार खदान और दीपका खदान में हुई डकैती की तीन वारदातों का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।
पुलिस के मुताबिक, पिछले दिनों इन स्थानों पर डकैती की घटनाएं सामने आई थीं। घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बाँकीमोंगरा पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संदिग्धों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनमें राजपाल चौहान (22), निवासी जामनीमूड़ा, थाना पाली; फिरोज मेमन (27), निवासी भिलाईबाजार, थाना हरदीबाजार; निकेश कुमार कश्यप (21), निवासी शुक्लाखार, थाना बाँकीमोंगरा और होरीलाल केवट (24), निवासी शांतिनगर, थाना कुसमुंडा शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।
तीन वारदातों की जांच में सामने आया गिरोह
पुलिस जांच में बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान से जुड़े मामलों के अलावा दीपका खदान में हुई डकैती को भी जांच के दायरे में लिया गया। इन घटनाओं के संबंध में बाँकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 148/2026 और 131/2026 तथा थाना दीपका में अपराध क्रमांक 01/2026 दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
डकैती में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मुखबिर तंत्र से मिली बड़ी कामयाबी
पूरे मामले के खुलासे में बाँकीमोंगरा पुलिस के सक्रिय मुखबिर तंत्र की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम ने लगातार संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
कोरबा पुलिस ने कहा है कि “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान के तहत चोरी, डकैती और संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद खदान और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी निगरानी और कड़ी किए जाने की बात कही गई है।

