
कोरबा। एसईसीएल की मानिकपुर परियोजना में कार्यरत ठेका मजदूरों के सालाना बोनस का मामला सामने आया है। करीब 34 ठेका मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर बोनस भुगतान नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए मानिकपुर परियोजना के महाप्रबंधक से लिखित शिकायत कर भुगतान की मांग की है।

श्रमिकों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, विशाल इंजीनियरिंग कंपनी के अंतर्गत मानिकपुर परियोजना के एक्सकेवेशन वर्कशॉप में लगभग 34 ठेका मजदूर पिछले करीब एक वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि कंपनी के प्रावधान के तहत उन्हें सालाना बोनस मिलना चाहिए, लेकिन अब तक इसका भुगतान नहीं किया गया है।

मजदूरों ने 23/10/2026 को महाप्रबंधक, एसईसीएल मानिकपुर परियोजना को आवेदन सौंपकर बोनस भुगतान के लिए उचित कार्रवाई की मांग की थी।
SECL ने 9 ठेकेदारों को जारी किया रिमाइंडर
इसी मामले के बीच एसईसीएल मानिकपुर कोलियरी कार्यालय की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को नौ ठेकेदारों को रिमाइंडर जारी किया गया है। इसमें संबंधित ठेकेदारों को अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की अवधि के PLI बोनस का भुगतान अपने कर्मचारियों को करने और उसका विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में ठेकेदारों से कहा गया है कि वे अपने कर्मचारियों की PLI बोनस एक्सेल शीट की प्रति तीन दिनों के भीतर मानिकपुर कार्यालय में जमा करें। साथ ही PLI बोनस शीट के साथ कर्मचारियों की उपस्थिति (अटेंडेंस) का विवरण भी प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
रिमाइंडर में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर आगामी LPC जारी करने की प्रक्रिया में कार्यालय को असुविधा होगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों की होगी।
अब मजदूरों को भुगतान का इंतजार
एसईसीएल के इस पत्र में विशाल इंजीनियरिंग सहित कुल नौ ठेकेदारों का उल्लेख है। ऐसे में ठेका मजदूरों की मांग और प्रबंधन के निर्देशों के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित ठेकेदार मजदूरों के बोनस का भुगतान कब तक सुनिश्चित करते हैं।
मजदूरों को उम्मीद है कि प्रबंधन के हस्तक्षेप से उन्हें उनका बकाया बोनस मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।
