कोरबा में शराब के खिलाफ महिलाओं का हल्लाबोल! हाथों में डंडे लेकर सड़कों पर उतरीं, बोलीं—न शराब बनेगी, न बिकेगी, न पीने देंगे; गांव में मचा हड़कंप!

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कोलगा गांव में शराब के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, सरपंच संतराम राठिया की अगुवाई में सामूहिक बैठक, शराब बेचते पकड़े जाने पर पुलिस के हवाले करने का निर्णय

कोरबा। जिले के करतला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोलगा में अवैध महुआ शराब के निर्माण, बिक्री और बढ़ती शराबखोरी से परेशान ग्रामीणों ने अब शराबबंदी के लिए मोर्चा खोल दिया है। गांव की महिलाओं ने बड़ी संख्या में हाथों में डंडे लेकर गलियों में रैली निकाली और शराबबंदी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि गांव में न तो शराब बनाने दी जाएगी और न ही इसकी बिक्री होने दी जाएगी।

सरपंच की अगुवाई में हुई सामूहिक बैठक, शराबबंदी का लिया संकल्प

ग्राम पंचायत कोलगा के सरपंच संतराम राठिया की अगुवाई में ग्रामीणों की सामूहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव में बढ़ती शराबखोरी और अवैध महुआ शराब के कारोबार को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में शराब बनाने और बेचने वालों का विरोध किया जाएगा। साथ ही शराब का सेवन रोकने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

हाथों में डंडे लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं, शराब बनाने वालों के घर पहुंचकर दी समझाइश

बैठक के बाद गांव की महिलाएं बड़ी संख्या में हाथों में डंडे लेकर सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं ने गांव की गलियों में घूम-घूमकर शराबबंदी के नारे लगाए। इस दौरान ग्रामीण उन घरों तक भी पहुंचे, जहां शराब बनाए जाने की शिकायत थी। संबंधित लोगों को शराब का निर्माण और बिक्री बंद करने की सख्त समझाइश दी गई।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गांव में अवैध शराब बनाते या बेचते पाया जाता है, तो इसकी सूचना पुलिस को देकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।

ग्रामीणों का गंभीर आरोप, शराबखोरी से बिगड़ रहा गांव का माहौल

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बढ़ती शराबखोरी के कारण सामाजिक माहौल लगातार खराब होता जा रहा है। शराब की लत केवल पुरुषों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्कूली बच्चे और महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इससे गांव के परिवारों और सामाजिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

इसी स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शराबबंदी की पहल करने का फैसला लिया है।

सूचना मिलते ही पहुंचे करतला थाना प्रभारी, ग्रामीणों को दी समझाइश

गांव में शराबबंदी को लेकर महिलाओं और ग्रामीणों के एकजुट होने की सूचना मिलते ही करतला थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही।

ग्रामीणों की इस पहल ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार और शराबखोरी से उत्पन्न सामाजिक समस्याओं को सामने ला दिया है।

अब बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीणों के इस सामूहिक संकल्प के बाद कोलगा गांव में अवैध महुआ शराब के निर्माण और बिक्री पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।

 

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