कोरबा। दीपावली के त्योहार को लेकर कोरबा के इंदिरा स्टेडियम प्रांगण में हर वर्ष की तरह इस बार भी पटाखा बाजार सज गया है। यहां 100 से अधिक पटाखा दुकानें लगी हैं और बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन इसी बाजार के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। पटाखा दुकानों के पीछे लगे तंबुओं के आसपास बच्चे पटाखे फोड़ते और फुलझड़ियां जलाते नजर आ रहे हैं। ज्वलनशील सामग्री से भरे बाजार में यह स्थिति किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है।
दुकानों के पीछे आतिशबाजी, कभी भी हो सकता है हादसा
पटाखा बाजार में दुकानों के पीछे तंबू लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि इन्हीं तंबुओं के आसपास बच्चे खुलेआम पटाखे फोड़ रहे हैं और फुलझड़ियां जला रहे हैं। ऐसे स्थान पर जहां बड़ी मात्रा में बारूद और ज्वलनशील सामग्री रखी गई हो, वहां इस तरह की गतिविधियां बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। एक छोटी सी चिंगारी भी आगजनी की बड़ी घटना में बदल सकती है।
व्यापारियों और सुरक्षा निगरानी पर भी सवाल
बाजार में 100 से अधिक दुकानें होने के बावजूद आसपास की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी दिखाई नहीं देने की बात सामने आ रही है। सवाल यह है कि जब पटाखा बाजार के पीछे बच्चे आतिशबाजी कर रहे हैं, तो दुकानदारों और सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही ? क्या बाजार में केवल दुकानों की व्यवस्था की गई है या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं ?
प्रशासन कब लेगा संज्ञान ?
पटाखा बाजार में आग बुझाने के उपकरण, पर्याप्त सुरक्षा कर्मी, निगरानी व्यवस्था और प्रतिबंधित क्षेत्र में आतिशबाजी रोकने जैसे इंतजामों की नियमित जांच जरूरी है। प्रशासन और संबंधित विभाग को तत्काल मौके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दुकानों के पीछे या आसपास कोई भी व्यक्ति पटाखे न जलाए।
त्योहार की खुशियां किसी हादसे में न बदलें, इसके लिए समय रहते सख्ती जरूरी है। सवाल साफ है — क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है, या इंदिरा स्टेडियम के पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अभी कार्रवाई होगी ?
