*बुधवारी बाजार की खुली नाली में फंसे सांड का रेस्क्यू ऑपरेशन – 5 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया बाहर*

Thevoicesnews
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कोरबा,:-कोरबा के बुधवारी बाजार क्षेत्र में एक असुरक्षित खुली नाली में फंसे सांड को बाहर निकालने के लिए कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार सफल रहा। इस घटना ने नगर निगम की लापरवाही को फिर से उजागर कर दिया है।

🐂 सांड नाली में गिरा, हालत थी गंभीर

खबर के अनुसार, कुछ दिन पहले बुधवारी बाजार के एक हिस्से में दो सांडों के बीच भिड़ंत हुई थी। इस संघर्ष के दौरान एक सांड बिना ढंकी नाली में जा गिरा। नाली गहरी और संकरी थी, जिससे वह बाहर नहीं निकल सका। कई दिनों तक वह उसी में फंसा रहा और लगातार उसकी हालत बिगड़ती गई।

🧑‍🚒 गौ सेवकों की तत्परता, 5 घंटे चला रेस्क्यू

स्थानीय गौ सेवकों को सूचना मिलने पर रात के समय ही उन्होंने मोर्चा संभाल लिया। रात करीब 8 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, रात 1 बजे जाकर सफल हो पाया।
बिना किसी सरकारी मदद के, स्वयं के संसाधनों से गौ सेवकों ने जान पर खेलकर सांड को बाहर निकाला, जो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था।

🧱 नाली पहले भी बन चुकी है हादसों की वजह

यह कोई पहली घटना नहीं है। बुधवारी क्षेत्र में ऐसी खुली, बिना चैंबर वाली नालियों की वजह से पहले भी जानवरों और लोगों को चोटें आई हैं।
स्थानीय निवासी कई बार नगर निगम को सूचना दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस उपाय नहीं किया गया है।

🗣️ स्थानीयों का गुस्सा, नगर निगम पर सवाल

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम की कार्यशैली पर नाराज़गी जाहिर की।
उनका कहना है कि –

“नगर निगम को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। जब तक हादसा नहीं होता, तब तक कोई सुनवाई नहीं होती।

📢 मांग: खुले नालियों को किया जाए सुरक्षित

लोगों ने मांग की है कि बुधवारी बाजार सहित पूरे शहर में ऐसी खुली और खतरनाक नालियों को तत्काल ढंका जाए।
सिर्फ जानवर ही नहीं, बच्चे और बुजुर्ग भी कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।

📽️ यह घटना न सिर्फ पशु सुरक्षा का उदाहरण है, बल्कि नगर निगम की ढिलाई और जन सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का भी प्रमाण है।

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