

कोरबा/डिजिटल दुनिया आज लोगों के लिए ज्ञान और जानकारी का बड़ा माध्यम बन चुकी है, लेकिन यही डिजिटल प्लेटफॉर्म अब अपराध करने के नए तरीके सीखने का जरिया भी बनता जा रहा है। कोरबा में सामने आया एक ऐसा ही मामला इस बात की गंभीर तस्वीर पेश करता है। सिविल लाइन पुलिस ने चोरी के मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। मामला सीएसईबी कॉलोनी का है, जहां दो दिन पहले एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया।
आरोपियों ने घर में घुसकर नगदी के साथ सोने-चांदी के जेवरात और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया था। शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस ने जांच शुरू की और संदेह के आधार पर तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस के सामने चोरी के माल की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने चोरी का पूरा माल एक नाबालिग को बेच दिया था। पुलिस के मुताबिक नाबालिग ने चोरी किए गए चांदी के पायल को ठिकाने लगाने के लिए इंटरनेट और यूट्यूब का सहारा लिया। वीडियो देखकर उसने चांदी को गलाकर उसका आकार बदलने की कोशिश की, ताकि जेवर की पहचान मुश्किल हो जाए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घड़ी, चांदी के जेवरात और गलाकर बदले गए चांदी के टुकड़े बरामद किए हैं। मामले में दो आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि दो नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करते हुए उसे बाल संरक्षण व्यवस्था के हवाले किया गया है। यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि अपराधी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद जानकारी का इस्तेमाल अपराध के बाद सबूत मिटाने और चोरी के सामान की पहचान बदलने के लिए भी कर रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

