*कोरबा: ‘दोस्त के पास जाना था, साधन नहीं मिला तो 108 एम्बुलेंस ही लेकर भागा युवक*

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कोरबा। कहते हैं कि होली के दिन ‘बुरा न मानो होली है’ कहकर कई गलतियां माफ कर दी जाती हैं, लेकिन कोरबा मेडिकल कॉलेज में एक शख्स ने ऐसी हिमाकत की जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। शराब के नशे में धुत एक शख्स को अपने दोस्त के पास मड़वारानी जाना था। जब कोई साधन नहीं मिला, तो उसने अस्पताल की 108 एम्बुलेंस पर ही हाथ साफ कर दिया और उसे लेकर फरार होने लगा।

क्या है पूरा मामला?

​घटना होली के दिन की है। आरोपी बाबूलाल मिंजवार (42 वर्ष), जो कि मड़वारानी (थाना उरगा) का निवासी है, जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। नशे में चूर बाबूलाल को अपने दोस्त के साथ जाम छलकाने मड़वारानी जाना था। त्यौहार का दिन होने के कारण उसे सड़क पर कोई ऑटो या सवारी गाड़ी नहीं मिली।

​इतने में उसकी नजर कैंपस में खड़ी 108 एम्बुलेंस पर पड़ी। एम्बुलेंस के कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह था कि गाड़ी में चाबी लगी हुई थी बाबूलाल ने ‘आओ देखा न ताव’, स्टेरिंग संभाली और गाड़ी स्टार्ट कर दी।

​गार्डों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

​बाबूलाल को गाड़ी चलाना पूरी तरह नहीं आता था, लेकिन ‘देख-देख’ कर जो थोड़ा-बहुत सीखा था, उसी के भरोसे उसने एम्बुलेंस दौड़ानी शुरू कर दी। गनीमत यह रही कि कैंपस के भीतर ही गाड़ी अचानक बंद हो गई। गाड़ी को अजीब तरह से चलते देख वहां तैनात गार्डों का माथा ठनका। उन्होंने तुरंत वाहन को घेरा और युवक को पकड़ लिया।

​कर्मचारियों की लापरवाही पर उठे सवाल

​इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

    • चाबी छोड़कर जाना: सरकारी वाहन को लावारिस हालत में चाबी लगाकर छोड़ना किसी बड़ी अनहोनी को न्यौता देना है।
    • सुरक्षा में चूक: अगर गाड़ी कैंपस से बाहर निकल जाती, तो नशे में धुत यह व्यक्ति सड़क पर किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।

​सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बड़े ही मासूम (और नशेियाना) अंदाज में कहा कि उसे बस अपने दोस्त के पास शराब पीने जाना था और कोई गाड़ी नहीं मिल रही थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और एम्बुलेंस कर्मचारियों को भी कड़ी हिदायत दी गई है।

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