
कोरबा: जिले के ग्राम पंचायत कोरकोमा से भ्रष्टाचार और गरीबों के हक पर हकमारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आश्रित ग्राम कचांदी के ग्रामीणों ने राशन दुकान संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय में मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें राशन के नाम पर सिर्फ अंगूठा लगवाकर खाली हाथ वापस भेज दिया जा रहा है।

डिजिटल धोखाधड़ी: फिंगर प्रिंट लिया, पर राशन ‘गायब’
शिकायत पत्र के अनुसार, राशन दुकान क्रमांक 552001039 के संचालक द्वारा पिछले 03 माह से ग्रामीणों का फिंगर प्रिंट (अंगूठा) लिया जा रहा है। नियमतः अंगूठा लगने के बाद राशन मिलना चाहिए, लेकिन यहाँ संचालक द्वारा फिंगर प्रिंट लेने के बाद भी राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण पिछले तीन महीनों से अनाज के एक-एक दाने के लिए तरस रहे हैं।
भूख की कगार पर ग्रामीण
आवेदकों का कहना है कि वे पूरी तरह से छत्तीसगढ़ शासन की खाद्य प्रणाली योजना पर ही निर्भर हैं। 3 महीने से राशन नहीं मिलने के कारण उनके सामने अब खाद्य संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी गरीबी का मजाक उड़ाया जा रहा है और सरकारी राशन की खुलेआम हेराफेरी की जा रही है।
कलेक्टर से गुहार: ‘कार्रवाई हो और राशन मिले’
परेशान ग्रामीणों ने 17 फरवरी 2026 को खाद्य अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय कोरबा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन में मुख्य रूप से दो मांगें रखी गई हैं:
दुकान क्रमांक 552001039 के संचालक के विरुद्ध कड़ी जांच और कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों को पिछले 3 माह का बकाया राशन और आगामी राशन का निरंतर प्रदाय सुनिश्चित किया जाए।
