
*कोरबा* : जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि हो रही है, जंगलों में आग लगने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। कोरबा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार वनाग्नि की खबरें सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कोरबा वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

तुर्रीकटरा के जंगलों में लगी आग पर पाया गया काबू
हाल ही में वन मंडल कोरबा के करतला परिक्षेत्र के अंतर्गत कोटमेर परिसर के कक्ष क्रमांक P 1148 (ग्राम तुर्रीकटरा) में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और फायर वाचर तत्काल मौके पर पहुंचे।

परिसर रक्षक सचिन श्रीवास के नेतृत्व में सुरक्षा श्रमिकों और फायर वाचरों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इस घटना में लगभग 0.280 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जहाँ घास-फूस और सूखे पत्तों के जलने की पुष्टि हुई है।

एसडीओ आशीष खैरवार की अपील
कोरबा वन विभाग के एसडीओ आशीष खैरवार ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ आग की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं:

*निगरानी दल का गठन:* वन विभाग द्वारा 22 दलों का गठन किया गया है, जो दिन-रात जंगलों में गश्त कर रहे हैं।
आधुनिक उपकरणों का उपयोग: आग बुझाने के लिए फायर वाचरों को फायर ब्लोअर इंस्ट्रूमेंट दिए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में फायर लाइन बनाई जा रही है।
जन जागरूकता अभियान: ग्रामीणों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
ग्रामीणों से विशेष आग्रह:
एसडीओ खैरवार ने ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे तेंदूपत्ता या महुआ संग्रहण के लालच में जंगलों में आग न लगाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंगल सुरक्षित रहेंगे, तभी भविष्य में ग्रामीणों को इनका लाभ मिल सकेगा।
