कोरबा। सामाजिक बहिष्कार से जुड़े एक मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए संबंधित थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के इस आदेश को सामाजिक न्याय और कानून के संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार किया गया, जिसके कारण उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों का अवलोकन किया। इसके बाद अदालत ने संबंधित थाना पुलिस को प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया।

न्यायालय के आदेश के बाद अब पुलिस मामले में अपराध दर्ज कर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू करेगी। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, अधिवक्ता प्रिंस अग्रवाल ने कहा कि सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाएं किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन करती हैं। न्यायालय का यह आदेश पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाएं समाज में भय और विभाजन का माहौल पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


