कोरबा जिला अस्पताल में पार्किंग के नाम पर ‘अवैध खेल’: बाइक चोरी के बाद संचालक ने फाड़ी पर्ची, जयराम की दबंगई से मरीज व कर्मचारी पस्त!

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कोरबा जिला अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था पर उठे सवाल, बाइक चोरी के बाद संचालक पर पर्ची फाड़ने का आरोप कोरबा। जिला अस्पताल के 100 बिस्तर अस्पताल परिसर में संचालित वाहन पार्किंग व्यवस्था एक बार फिर विवादों में है। अस्पताल परिसर से बाइक चोरी की घटना के बाद पार्किंग संचालक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर संचालक ने पार्किंग पर्ची छीनकर फाड़ दी, जिससे घटना का प्रमाण समाप्त हो जाए। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम खिसोरा (बलौदा) निवासी पंकज अहिर 17 जुलाई की रात अपनी हीरो स्प्लेंडर (CG-11-BG-0476) बाइक अस्पताल परिसर की पार्किंग में खड़ी कर इलाज के लिए अंदर गए थे। लौटने पर बाइक मौके से गायब मिली। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पार्किंग संचालक जयराम से शिकायत करने पर सहयोग करने के बजाय उनकी पार्किंग पर्ची फाड़ दी गई। मामले की शिकायत पर सिविल लाइन थाना रामपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। टेंडर समाप्त होने के बावजूद पार्किंग संचालन पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल परिसर की पार्किंग का ठेका समाप्त होने के बाद भी पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि टेंडर की अवधि समाप्त हो चुकी है, तो वर्तमान में किसके आदेश पर पार्किंग संचालित की जा रही है और शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है।

इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पार्किंग संचालन को लेकर अन्य आरोप भी कुछ स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने पार्किंग संचालन से जुड़े व्यक्ति पर दबाव बनाने, विवाद की स्थिति में धमकाने तथा कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं देने जैसे आरोप भी लगाए हैं।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष भी सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट बाइक चोरी की घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग संचालन पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि यदि अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ियां सुरक्षित नहीं हैं, तो पार्किंग शुल्क लेने का औचित्य भी सवालों के घेरे में है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और जिला अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाइक चोरी की घटना और पार्किंग संचालन से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है तथा जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

 

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