हत्या के मामलों की विवेचना पर पुलिस अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण,आईजी रामगोपाल गर्ग ने दिए ‘स्मार्ट विवेचना’ के निर्देश, वैज्ञानिक जांच पर जोर

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📍 बिलासपुर/ बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री रामगोपाल गर्ग ने हत्या (Homicide) जैसे गंभीर अपराधों की विवेचना को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने और न्यायालयों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के उद्देश्य से रेंज स्तरीय पुलिस अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया। इस प्रशिक्षण में एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के अधिकारी वर्चुअल मोड के माध्यम से शामिल हुए।

आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में दोष सिद्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से हत्या के प्रत्येक प्रकरण की विवेचना के लिए नई कार्यप्रणाली और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

🔍 ‘स्मार्ट विवेचना’ के तहत नई व्यवस्था

प्रशिक्षण के दौरान हत्या के मामलों में विवेचना हेतु 124 बिंदुओं की विशेष चेकलिस्ट जारी की गई। अब हत्या के हर प्रकरण की चार्जशीट में इस चेकलिस्ट का पालन अनिवार्य रहेगा, ताकि तकनीकी त्रुटियों को समाप्त किया जा सके।

📱 ई-साक्ष्य ऐप से होगी वीडियोग्राफी

आईजी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत अब सभी जप्तियां ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी करते हुए की जाएंगी। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और गवाहों के मुकरने की स्थिति में भी तकनीकी प्रमाण मजबूत रहेंगे।

🧪 वैज्ञानिक जांच और साइबर फॉरेंसिक पर फोकस

नई गाइडलाइन के तहत घटनास्थल को तत्काल सील कर फोरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मौजूदगी में ही साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। वहीं आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स, इंटरनेट हिस्ट्री, व्हाट्सएप लॉग्स और गूगल टेकआउट जैसे तकनीकी पहलुओं की भी गहन जांच की जाएगी।

घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की त्रिनयन ऐप से मैपिंग कर फुटेज जब्त किए जाएंगे। साथ ही डीएनए एवं जैविक साक्ष्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

⚖️ त्रुटिहीन विवेचना पर जोर

आईजी बिलासपुर ने निर्देश दिए कि अप्रैल 2026 के बाद दर्ज होने वाले सभी हत्या प्रकरणों की विवेचना इन नए वैज्ञानिक और तकनीकी प्रोटोकॉल के तहत की जाए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर रेंज पुलिस अब पूरी तरह प्रोफेशनल और पारदर्शी जांच प्रणाली अपनाएगी, जिससे अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल सहित रेंज के सभी जिलों के अधिकारी शामिल हुए। आईजी श्री गर्ग ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से विवेचना के महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम हर सप्ताह अलग-अलग विषयों पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस अधिकारी नई तकनीकों से अपडेट रह सकें।

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