प्राधिकरण ने जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण, वर्षा ऋतु में विस्थापन नहीं करने का भरोसा; पुराने शिकायत पत्र भी किए सार्वजनिक
रायपुर। ग्राम तूता में शासकीय भूमि पर प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर चल रही चर्चाओं और सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों के बीच नवा रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (NRDA) ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। प्राधिकरण का कहना है कि मामले को लेकर कई भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जबकि कार्रवाई पूरी तरह शिकायतों, राजस्व अभिलेखों और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी प्रकार की विस्थापन कार्रवाई नहीं की जाएगी। 0
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
NRDA के अनुसार ग्राम तूता में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विभिन्न माध्यमों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों की जांच और राजस्व रिकॉर्ड के परीक्षण के बाद संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई किसी एक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। 1
ग्रामीणों से संवाद, समाधान पर जोर
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 2 जुलाई 2026 को ग्राम के प्रतिनिधियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर अपनी चिंताएं रखीं। बैठक में तय किया गया कि सभी संबंधित पक्षों के साथ आगे भी चर्चा कर सहमति के आधार पर समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा। 2
बारिश में नहीं होगी कोई विस्थापन कार्रवाई
NRDA ने स्पष्ट किया है कि वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी प्रकार की विस्थापन संबंधी कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि कानून के पालन के साथ-साथ मानवीय पहलुओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। 3
शिकायतों के दस्तावेज भी किए सार्वजनिक
प्रेस विज्ञप्ति के साथ कई पुराने शिकायत आवेदन भी संलग्न किए गए हैं। इनमें सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण, निजी भूमि तक पहुंच का रास्ता बाधित होने, ग्राम पंचायत द्वारा सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा न्यायालयीन आदेशों के पालन से संबंधित आवेदन शामिल हैं। NRDA का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों और शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 4
आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
NRDA के स्पष्टीकरण के बाद अब इस मामले में अगली प्रशासनिक कार्रवाई और ग्रामीणों के साथ प्रस्तावित चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के मौसम में विस्थापन की कार्रवाई नहीं होगी और आगे की प्रक्रिया कानून के अनुरूप ही आगे बढ़ाई जाएगी।

