बालको चिमनी हादसा : गवाहों को “मैनेज” करने की कोशिश का बड़ा खुलासा, आरोपी के साथ होटल में मिला मुख्य गवाह… साक्ष्यों ने खोली पूरी साजिश

News Editor
News Editor
3 Min Read
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.01_42bc2085
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.04_54eddaa3
WhatsApp Image 2025-07-20 at 10.53.03_12ad33f5

कोरबा। बालको चिमनी हादसे से जुड़ा मामला अब केवल एक औद्योगिक दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सच्चाई को दबाने और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशों तक पहुंच गया है। गवाहों को प्रभावित करने की सूचना पर बालकोनगर पुलिस की कार्रवाई ने पूरे मामले को नया और गंभीर मोड़ दे दिया है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस चर्चित प्रकरण के एक महत्वपूर्ण गवाह को आरोपी द्वारा प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बालकोनगर के नेतृत्व में टीम ने टी.पी. नगर स्थित होटल ग्रैंड गोविंदा में दबिश दी।

जांच के दौरान होटल के कमरा नंबर 202 में जो स्थिति सामने आई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। मुख्य गवाह पृथ्वीनाथ सिंह अपने पुत्र के साथ वहां मौजूद पाए गए और जांच में यह भी पुष्टि हुई कि वे आरोपी वासमसेटी वेंकटेश के संपर्क में थे तथा उसी के साथ ठहरे हुए थे।

यह तथ्य अपने आप में बेहद गंभीर है, क्योंकि जिस गवाह के बयान पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करती है, वही आरोपी के संपर्क में पाया गया। इससे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका और गहरी हो गई है।

मौके पर पुलिस ने होटल स्टाफ से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई। जांच के दौरान आरोपी द्वारा गवाह को मोबाइल फोन के माध्यम से संदेश भेजे जाने के साक्ष्य भी मिले। इन संदेशों में प्रकरण से संबंधित गवाह के बयान की जानकारी साझा किए जाने के संकेत मिले हैं।

पुलिस ने तत्काल संबंधित मोबाइल फोन की जांच कर डिजिटल साक्ष्य संकलित किए और विधिवत पंचनामा तैयार किया। साथ ही घटनास्थल के फोटो एवं अन्य दस्तावेज भी एकत्र कर प्रकरण में संलग्न किए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, गवाह को प्रभावित कर मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी, ताकि आरोपी को लाभ मिल सके। हालांकि समय रहते पुलिस की कार्रवाई ने इस पूरे प्रयास का खुलासा कर दिया।

अब इस पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और संकलित साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

स्पष्ट है कि यह मामला अब केवल हादसे का नहीं, बल्कि सच्चाई को दबाने की कोशिश और न्याय व्यवस्था को प्रभावित करने के प्रयास का भी बन चुका है।

Share this Article
Home
Wtsp Group
Search
📲 Share