लचर व्यवस्था ने छीन ली गर्भवती नवविवाहिता की जिंदगी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कर्मचारी ने नही लगाया हाथ, लंबी दूरी तय कर पहुंचे मेडिकल कालेज अस्पताल, इलाज शुरू होने से पहले हो गई मौत

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कोरबा। वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था ने फिर एक गर्भवती नव विवाहिता की जिंदगी छीन ली। परिजन तबीयत बिगड़ने पर उसे लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पहुंचे, जहां मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मी ने केंद्र में मरम्मत कार्य चलने का हवाला देकर अन्यत्र ले जाने की सलाह दे दी। जब तक परिजन लंबी दूरी तय कर मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचते, देर हो चुकी थी। नव विवाहिता ने इलाज शुरू होने से पहले ही दम तोड़ दी।

जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर लेमरू थानांतर्गत ग्राम कनसरा ठाड़पखना में शेर सिंह कंवर निवास करता है। उसका विवाह साल 2021 में बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बांसाझार में रहने वाली पुष्पांजलि कंवर 23 वर्ष से हुआ था। शेर सिंह रोजी मजदूरी कर पत्नी व डेढ़ वर्षीय पुत्री का भरण पोषण करते आ रहा था। उसने बताया कि उसकी पत्नी पुष्पांजलि दूसरी बार सात माह के गर्भ में थी। रविवार की सुबह पुष्पांजलि को अचानक ठंड के साथ शरीर में दर्द शुरू हो गया। वह बिना देर किए अपनी पत्नी को चार पहिया में लेकर गढ़ स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पहुंचा, जहां महिला स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थी। उसने पूर्व में कराए गए सोनोग्राफी व जांच के दस्तावेज तो देखे लेकिन इलाज से इंकार कर दी। उसके सामने प्राथमिक उपचार के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन वह सेंटर में मरम्मत चलने का हवाला देते हुए हाथ भी नहीं लगाए। आखिरकार शेर सिंह लंबी दूरी तय कर पत्नी को मेडिकल कालेज अस्पताल लाने में कामयाब तो हो गया, पर नव विवाहिता की जान नही बचा सका। मेडिकल कालेज अस्पताल में उपचार की तैयारी चल रही थी। गर्भवती नव विवाहिता को जांच के लिए कक्ष में ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसकी सांसें थम गई। शेर सिंह का कहना है कि यदि वेलनेस सेंटर में प्राथमिक उपचार मिल जाती तो उसकी पत्नी की जान बच सकती थी। उसके डेढ़ साल की बेटी के सिर से मां का साया उठ गया है। बहरहाल मामले में पुलिस वैधानिक कारवाई कर रही है।

कायाकल्प में जगह बनाने से जरूरी जान बचाना

सूत्रों की माने तो गढ़ उपरोड़ा स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में दो कर्मचारी पदस्थ हैं। रविवार अवकाश होने के बावजूद महिला कर्मी सेंटर में मौजूद थी। वह सेंटर में मरम्मत का काम करा रही थी, ताकि आने वाले दिनों में कायाकल्प योजना में स्थान पक्का किया जा सके। यह सब तो ठीक है, लेकिन कायाकल्प में जगह बनाने से ज्यादा जरूरी किसी की जान बचाना है। इस बात को शायद वह भूल गई।

कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में वैधानिक कार्रवाई

मामला गर्भवती नवविवाहिता की मौत से जुड़े होने के कारण कार्यपालिक दंडाधिकारी को सूचना दी गई है। वही परिजनों ने घटना की जानकारी मृतिका के परिजनों को भी दे दी है। कार्यपालिक दंडाधिकारी और परिजनों की मौजूदगी में अस्पताल पुलिस वैधानिक कार्रवाई पूरी करेगी।

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