*प्राचार्य पदोन्नति हेतु व्याख्याता टीएलबी की संख्या को नियम विरुद्ध किया गया कम,लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी जेडी को पत्र जारी कर व्याख्याताओ का मंगाया गया गोपनीय चरित्रावली*

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कोरबा/प्रदेश के हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्राचार्य के हजारों पद रिक्त हैं। इन विद्यालयों की व्यवस्था प्रभारी प्राचार्यो के भरोसे चल रही है। अब शासन ने प्राचार्यो के इन रिक्त पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी तारतम्य में 4 जुलाई को लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालको को पत्र जारी कर ई एवं टी संवर्ग के व्याख्याता, व्याख्याता एलबी एवं प्रधान पाठक माध्यमिक शाला के गोपनीय चरित्रावली मंगाया गया है। इसमें जो टी एलबी संवर्ग की संख्या दी गयी है इसको लेकर टी एलबी संवर्ग के व्याख्याताओं में भारी नाराजगी है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष डॉ गिरीश केशकर ने बताया कि पदोन्नति हेतु व्याख्याता टीएलबी की जो संख्या दी गयी है गोपनीय चरित्रावली मंगाने के लिए वह संख्या राजपत्र में जारी भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2019 के नियम के विपरीत है। इस नियम के अनुसार प्राचार्य पद पर पदोन्नति कुल रिक्त पद का 10 प्रतिशत विभागीय सीधी भर्ती के से 25 प्रतिशत पद माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक से, बचे 65 प्रतिशत व्याख्याताओं से और इस 65 प्रतिशत में से 70 प्रतिशत नियमित व्याख्याता से एवं 30 प्रतिशत व्याख्याता एलबी से किया जाना है। परंतु जारी पत्र में व्याख्याता टीएलबी की जो संख्या 408 दिया गया है वो किसी नियम से सही नहीं है। जो आंकड़े दिए गए हैं जारी पत्र में उसके आधार पर व्याख्याता टीएलबी की संख्या 605 होता है। इस प्रकार से जारी पत्र में व्याख्याता टी एलबी के 197 पद को कम करके बताया गया है। वहीं माध्यमिक शाला के प्रधान पाठकों की संख्या 672 होना था उसे 1012 दिया गया है।


प्रांताध्यक्ष डॉ गिरीश केशकर ने बताया कि इस त्रुटि के अलावा भी 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में जारी वरिष्ठता सूची में भारी त्रुटि है। एक तरफ जहां मृत, सेवा त्याग चुके एवं सेवा निर्वित्त व्याख्याताओं के नाम वरिष्ठता सूची से विलोपित नहीं किया गया है वहीं वरिष्ठता क्रम में भी विसंगति व्याप्त है। टीएलबी संवर्ग के व्याख्याताओं में इसे लेकर भारी नाराजगी व्याप्त है। जल्द ही इस बड़ी त्रुटि के संबंध में संचालक लोक शिक्षण संचालनालय एवं शिक्षा सचिव से चर्चा कर अवगत कराया जाएगा।

 

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