
कोरबा, छत्तीसगढ़ — नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारी यूनियन, कोरबा इकाई, का आंदोलन गुरुवार को 31वें दिन में प्रवेश कर गया। इस मौके पर कर्मचारियों ने सेवा समाप्ति का नोटिस मिलने के बावजूद ज्वाइन न करने वाले अपने 21 बर्खास्त साथियों का सम्मान किया। इन कर्मचारियों ने दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए नौकरी गंवाने का जोखिम उठाया, लेकिन अपने आंदोलन को कमजोर नहीं होने दिया।

यूनियन के सदस्यों ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों को डराने के लिए सेवा समाप्ति पत्र जारी किए थे, लेकिन इन 21 कर्मचारियों ने अपने साथियों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए नौकरी ज्वाइन नहीं की। यूनियन ने उनके इस साहस और त्याग की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।

इस सम्मान समारोह के साथ-साथ, कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन का भी जश्न मनाया। धरना स्थल पर NHM की महिला कर्मचारियों ने केक काटा और एक-दूसरे को बधाई दी। यह दिन उनके लिए न सिर्फ आंदोलन का हिस्सा था, बल्कि एक सकारात्मक और उत्सवपूर्ण माहौल बनाने का भी अवसर था।

दोपहर में, कर्मचारियों ने एक कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च उनके धरना स्थल से शुरू होकर सुभाष चौक तक गया। इस दौरान, उन्होंने मोमबत्तियां और दीये जलाकर उन दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने NHM के लिए काम करते हुए अपनी जान गंवाई। यह भावुक क्षण आंदोलन की गंभीरता और कर्मचारियों के आपसी जुड़ाव को दर्शाता है।
कोरबा जिले के NHM कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले एक महीने से हड़ताल पर हैं। उनकी मुख्य मांगों में नियमितीकरण और वेतन वृद्धि शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
