
कोरबा। शारदीय नवरात्रि को लेकर कोरबा में धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू होने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल, जिला कोरबा ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर नवरात्रि पर्व के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत मांग रखी है। संगठन ने कहा है कि नवरात्रि श्रद्धा और आस्था का पर्व है, इसलिए इसकी व्यवस्था भी ऐसी होनी चाहिए कि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकें।
5 अक्टूबर को सौंपे गए आवेदन में संगठन ने जिले में होने वाले माता रानी के पंडाल, ज्योति कलश, गरबा-डांडिया, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए पुलिस प्रशासन से आयोजन शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
पंडालों पर पर्याप्त पुलिस बल और नियमित पेट्रोलिंग
संगठन ने जिले के प्रमुख दुर्गा पंडालों और धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था करने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि आयोजन स्थलों पर भीड़ बढ़ने के साथ आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस की मौजूदगी दिखाई देनी चाहिए।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष निगरानी
नवरात्रि के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी को देखते हुए संगठन ने विशेष निगरानी के साथ महिला पुलिस बल की तैनाती की मांग की है। उद्देश्य यह है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शिकायत पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध हो सके।
जहां भीड़, वहां ट्रैफिक प्लान जरूरी
नवरात्रि के दौरान पंडालों और धार्मिक स्थलों के आसपास भीड़ बढ़ने से यातायात प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए भीड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग को पहले से व्यवस्थित करने की मांग की गई है।
संगठन ने पुलिस प्रशासन से आयोजन समितियों के साथ समन्वय कर आवश्यक यातायात व्यवस्था तय करने का आग्रह किया है।
धार्मिक आयोजनों के आसपास असामाजिक तत्वों पर नजर
आवेदन में धार्मिक आयोजनों के आसपास असामाजिक तत्वों और उपद्रव की आशंका वाले लोगों पर निगरानी रखने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि किसी भी विवाद की स्थिति बनने से पहले पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और सतर्कता जरूरी है।
रात के कार्यक्रमों में बढ़ेगी जिम्मेदारी
नवरात्रि के दौरान कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक चलते हैं। इसे देखते हुए संगठन ने रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने का आग्रह किया है, ताकि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही भी सुनिश्चित हो सके।
सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर भी सतर्क रहने की मांग
सोशल मीडिया के जरिए किसी स्थानीय घटना की जानकारी तेजी से फैल सकती है। इसे देखते हुए आवेदन में सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक जानकारी फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की गई है।
संगठन ने कहा है कि किसी विवाद या घटना की स्थिति में आधिकारिक जानकारी समय पर सामने आने से अनावश्यक तनाव को रोका जा सकता है।
आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता
VHP-बजरंग दल ने प्रमुख आयोजन स्थलों पर त्वरित पुलिस सहायता और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में पुलिस तक सूचना पहुंचने और मौके पर सहायता मिलने में अनावश्यक देरी न हो, इस पर भी जोर दिया गया है।
विसर्जन के दौरान भी रहे विशेष व्यवस्था
नवरात्रि के अंतिम चरण में होने वाले विसर्जन कार्यक्रमों को देखते हुए संगठन ने विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती का सुझाव दिया गया है।
आयोजकों को पहले से दिए जाएं दिशा-निर्देश
आवेदन में सभी आयोजन समितियों को पुलिस-प्रशासन की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और उनके साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि आयोजकों और प्रशासन के बीच स्पष्ट संवाद रहने से कई छोटी समस्याओं को विवाद बनने से पहले ही रोका जा सकता है।
SECL क्वार्टर की कथित प्रार्थना सभा का मुद्दा भी उठाया
नवरात्रि सुरक्षा व्यवस्था के आवेदन के साथ VHP-बजरंग दल ने SECL क्वार्टर क्षेत्र में कथित रूप से बिना अनुमति प्रार्थना सभा और धार्मिक गतिविधियां संचालित किए जाने को लेकर भी पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की है।
आवेदन में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से प्रार्थना सभा संचालित किए जाने का उल्लेख करते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन से आवश्यक अनुमति की स्थिति स्पष्ट करने तथा शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि संगठन ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं है, लेकिन धार्मिक गतिविधियां कानून, प्रशासनिक अनुमति, सार्वजनिक व्यवस्था और संबंधित परिसर के नियमों के अनुरूप संचालित होने की बात कही है।
संदेश साफ—पर्व शांतिपूर्ण हो, व्यवस्था पहले से मजबूत रहे
VHP-बजरंग दल के आवेदन में मुख्य जोर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक समन्वय पर रखा गया है। संगठन ने पुलिस से शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का आग्रह किया है।
अब नजर पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर रहेगी कि नवरात्रि के दौरान प्रमुख पंडालों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था किस तरह लागू की जाती है। संगठन की मांगों के बीच सबसे अहम बात यही है कि किसी अप्रिय स्थिति का इंतजार करने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत की जाए।

