कोरबा। शहर की सड़कों को अपनी जागीर समझने वाले भारी वाहन स्वामियों और बेतरतीब खड़े ट्रेलरों के खिलाफ कोरबा पुलिस ने आज ‘यमराज’ बनकर दबिश दी। सीएसईबी पंचवटी तिराहा जो अब तक हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’ और ट्रेलरों का अवैध अड्डा बना हुआ था, वहां आज पुलिस के सायरनों की गूँज ने ट्रेलर माफियाओं की नींद उड़ा दी।
ट्रैफिक पुलिस और थानों की ‘संयुक्त स्ट्राइक’
सड़कों पर पसरे इन ‘लोहे के दानवों’ की वजह से आम जनता का जीना मुहाल हो गया था। आज यातायात पुलिस के साथ रामपुर (सिविल लाइन) और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त मोर्चा खोलते हुए विशेष अभियान चलाया। पुलिस की इस आक्रामकता को देख अवैध पार्किंग करने वालों में भगदड़ मच गई।

धारा 283 की कार्रवाई: मालिक न मिलने पर पुलिस लाइन ‘जब्त’
पुलिस ने केवल चालान काटकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि कड़ा रुख अपनाते हुए धारा 283 के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई की।
- कड़ा एक्शन: जिन भारी वाहनों के मालिक मौके पर नहीं मिले, उन्हें पुलिस ने लावारिस मानकर क्रेन की मदद से सीधा कोरबा पुलिस लाइन भिजवा दिया।
- जनता को राहत: नो-एंट्री खुलते ही यहाँ मौत का तांडव मचने जैसी स्थिति रहती थी, जिससे रहवासियों में हर वक्त दुर्घटना का खौफ बना रहता था। आज की कार्रवाई ने राहगीरों को बड़ी राहत दी है।
चेतावनी: अब खैर नहीं!
पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि सड़कों को पार्किंग लॉट समझने की भूल अब महंगी पड़ेगी। सड़कों पर खड़े ये ट्रेलर न केवल ट्रैफिक जाम का सबब थे, बल्कि मासूमों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बने हुए थे।
बड़ी बात: पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है। अगर सड़क पर बाधा बनी, तो गाड़ी सीधे पुलिस लाइन की शोभा बढ़ाएगी।

