कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में आज सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब नगर निगम की ‘तोड़ू टीम’ और पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से कबाड़ दुकानों पर धावा बोल दिया। शहर में वर्षों से जड़े जमाए कबाड़ माफियाओं के अवैध निर्माण को मिट्टी में मिलाने के लिए प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।
राताखार में सुबह-सुबह ‘गरजा’ बुलडोजर
कार्रवाई का आगाज़ राताखार बस्ती से हुआ, जहाँ नगर निगम का दस्ता दलबल के साथ पहुँचा। इससे पहले कि कबाड़ व्यवसायी कुछ समझ पाते, निगम के बुलडोजर ने उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू कर दिया। पुलिस के कड़े पहरे के बीच हुई इस कार्रवाई ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

मुड़ापार तक मची खलबली: चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
राताखार के बाद प्रशासन का रुख मुड़ापार और अन्य क्षेत्रों की ओर मुड़ा। शहर के अलग-अलग कोनों में चल रही कबाड़ दुकानों के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोला गया है।
- अवैध कब्जे जमींदोज: सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध तरीके से फल-फूल रहे कबाड़ के कारोबार पर प्रशासन का डंडा चला है।
- पुलिस का कड़ा पहरा: कार्रवाई के दौरान किसी भी विरोध से निपटने के लिए पुलिस के जवान मुस्तैदी से तैनात हैं, जिससे माफियाओं के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं।
शहर में दहशत, प्रशासन का कड़ा संदेश
इस संयुक्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब अवैध कब्जों और नियम विरुद्ध चल रहे कबाड़खानों की खैर नहीं है। नगर निगम और पुलिस की इस जुगलबंदी ने शहर के उन रसूखदारों की नींद उड़ा दी है जो कबाड़ की आड़ में अवैध साम्राज्य चला रहे थे।
बड़ी खबर: कार्रवाई अभी जारी है और शहर के अन्य हिस्सों में भी कबाड़ दुकानों की सूची तैयार कर ली गई है। बुलडोजर का अगला निशाना कौन होगा, इसे लेकर कबाड़ व्यवसायियों में भारी दहशत का माहौल है।

