पाली/कटघोरा। पाली पुलिस ने मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल में अवैध रूप से रखे गए मवेशियों को मुक्त कराया है। मामले में मुख्य आरोपी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने बताया कि 14 मई 2026 को प्रार्थी विजय नेताम ने थाना पाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम बतरा के भदरापारा मोहल्ले से लगे जंगल में कुछ बाहरी लोग बड़ी संख्या में मवेशियों को बिना चारा-पानी के अमानवीय तरीके से रखे हुए हैं।
सूचना मिलते ही पाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान वहां मौजूद रहमत खान से मवेशियों के संबंध में पूछताछ की गई तथा परिवहन और रखरखाव से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए। हालांकि आरोपी किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 10 के तहत मामला दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रहमत खान सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने बताया कि फिलहाल आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है। मवेशी कहां से लाए गए थे और उन्हें कहां ले जाने की तैयारी थी, इस पूरे एंड-टू-एंड रूट की जांच की जा रही है।

