
घटना का विवरण और गिरफ्तारी
कटघोरा के कसनिया में बुधवार देर रात हुए फायरिंग कांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों— दुर्गेश पांडेय (उत्तर प्रदेश निवासी शूटर), हर्ष सिंह, और आशीष जांगड़े—को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद कटघोरा उप जेल भेज दिया गया है।
सुपारी और शूटर का खुलासा
पुलिस पूछताछ में, शूटर दुर्गेश पांडेय ने यह स्वीकार किया है कि उसे इस फायरिंग के लिए 10 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी। शुरुआती योजना तौसीफ मेमन के पैर में गोली मारने की थी, लेकिन बाद में उनके घर पर फायरिंग कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दुर्गेश बस से भागने की फिराक में था, लेकिन चौकस लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मुख्य आरोपी फरार
इस घटना का मुख्य आरोपी शक्ति सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शक्ति सिंह की गिरफ्तारी के बाद ही मामले की असली वजह का खुलासा हो पाएगा।
पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग का एंगल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह मामला पुराने विवाद और एक चर्चित प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है।
हथियार और बाइक जब्त
पुलिस ने घटनास्थल से खाली खोखे और वारदात में इस्तेमाल हुई बाइक (CG 12-एम 3082) बरामद की है। इसके अतिरिक्त, आरोपी की निशानदेही पर कसनिया स्कूल के पास झाड़ियों में छिपाकर रखा गया देशी कट्टा (जिसका इस्तेमाल घटना के बाद फेंका गया था) भी जब्त कर लिया गया है।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग
फायरिंग की घटना से तौसीफ मेमन और उनका परिवार सहमा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है। फिलहाल, एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में मामले की जांच जारी है।
