कोरबा प्रवास पर भूपेश बघेल का बड़ा हमला “मेरा पीछा छोड़ो, अपने वादे पूरे करो” – भू-विस्थापितों के अधिकारों पर गरजे पूर्व मुख्यमंत्री

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कोरबा/हरदी बाजार। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने शुक्रवार को अपने कोरबा प्रवास के दौरान हरदी बाजार में भू-विस्थापितों की सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखे तेवर अपनाए और सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर केंद्र तक के नेताओं को आड़े हाथों लिया।

सभा में बड़ी संख्या में मौजूद भू-विस्थापितों के बीच बघेल ने साफ कहा कि कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विस्थापितों को उनका अधिकार नहीं मिला, तो कांग्रेस आंदोलन छेड़ेगी और सड़क से सदन तक आवाज बुलंद करेगी।


भू-विस्थापितों का सवाल राजनीति से बड़ा – बघेल

हरदी बाजार में अपने संबोधन में बघेल ने कहा –

“ये भू-विस्थापितों का सवाल राजनीति से कहीं बड़ा है। यह मानव अधिकारों और जीवन-यापन का मुद्दा है। यहां हजारों लोग सालों से न्याय की उम्मीद में खड़े हैं। कांग्रेस ने हमेशा इनकी आवाज उठाई है और आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी। अगर सरकार बहरी बनी रही तो हम आंदोलन करेंगे और जनता को उनका हक दिलाकर रहेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि मुआवजा दे रहे है 2025 में और रेट है 2004 का क्या एसईसीएल के अधिकारी 2004 के वेतन में आज काम करेंगे क्या ? अगर करेंगे तो हमको मुआवजा मंजूर है, यदि नहीं तो फिर आज के दर से मुआवजा दें, उचित पुनर्वास दें और पात्रतानुसार नौकरी दें और हमारी कोई मांग नहीं है। सरकारी पैसा है केंद्र सरकार के अधीन ही है कोल इंडिया और एसईसीएल किसी के जेब से नहीं मांग रहे है जो हमारा हक है वहीं मांग रहे है”

कोयला पट्टी में दशकों से चल रहे भू-विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे पर बघेल ने मंच से ही पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं।


बीजेपी सरकार को सीधी चुनौती

पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा –

“भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को मेरा पीछा छोड़ना चाहिए। वे मुझे टारगेट करने में लगे हैं, जबकि उन्हें जनता से किए गए वादे पूरे करने चाहिए। चुनाव के समय उन्होंने जो घोषणाएं की थीं, वही आज जनता का सवाल है। रमन सिंह जी आज भी मुझे ही घेरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता उनसे पूछ रही है कि वादों का क्या हुआ ?”

बघेल ने बीजेपी के केंद्रीय नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष बार-बार छत्तीसगढ़ आते हैं, लेकिन यहां के किसानों और गरीबों से किए गए वादों को पूरा करने की कोई पहल नहीं हो रही।


अधूरे वादों की लंबी सूची गिनाई

भूपेश बघेल ने बीजेपी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आज किसान, महिलाएं और गरीब परिवार निराश हैं क्योंकि सरकार ने चुनावी घोषणाएं पूरी नहीं कीं। उन्होंने एक-एक करके बीजेपी के प्रमुख वादे गिनाए –

  • धान खरीदी – 3100 प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी का वादा।
  • किसान बोनस – दो साल का बकाया बोनस अब तक नहीं दिया गया।
  • नारी शक्ति बंधन योजना – माताओं को 1000 महीना यानी 12,000 सालाना का वादा।
  • प्रधानमंत्री आवास – 20 लाख आवास देने का वादा, जिसका ऐलान खुद गृह मंत्री अमित शाह ने किया था।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार बताये इन योजनाओं का क्या हुआ ? क्या सिर्फ़ भूपेश बघेल को टारगेट करने के लिए ही बीजेपी सत्ता में आई है ?


कोरबा की कोयला पट्टी में गरमाया माहौल

कोरबा की कोयला खदानों के कारण बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित हुए हैं। वर्षों से पुनर्वास और मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे इन परिवारों के बीच बघेल का यह दौरा राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बीजेपी ने चुनाव के समय इन मुद्दों को खूब उछाला था, लेकिन सत्ता में आने के बाद हालात जस के तस बने हुए हैं। बघेल का बयान अब सीधा सरकार के खिलाफ भू-विस्थापितों की आवाज को तेज करता नजर आ रहा है।


कांग्रेस की रणनीति – सड़क से सदन तक लड़ाई

सभा के अंत में बघेल ने ऐलान किया कि कांग्रेस भू-विस्थापितों के हक के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा –

“हम लोग सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेंगे। यह सिर्फ़ कोरबा का मुद्दा नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता का मुद्दा है। जनता ने बीजेपी पर भरोसा किया था, अब वही जनता जवाब मांग रही है।”


यह पूरा घटनाक्रम साफ़ संकेत देता है कि कोरबा की कोयला पट्टी में भू-विस्थापितों का सवाल आगामी दिनों में सियासत का बड़ा केंद्र बनने वाला है। बघेल का यह हमला बीजेपी सरकार के लिए गंभीर चुनौती है और आने वाले समय में यह आंदोलन प्रदेश की राजनीति की धुरी बन सकता है।

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